NEET री-एग्जाम: NTA की छात्रों से अपील, समय बढ़ाया गया

NEET री-एग्जाम: NTA की छात्रों से अपील, समय बढ़ाया गया
अमरेंद्र भटनागर 19 जून 2026 0 टिप्पणि

तनाव और अफवाहों के बीच National Testing Agency (NTA) ने NEET UG 2026 के री-एग्जाम से ठीक पहले छात्रों और अभिभावकों को एक दिल को छू लेने वाला संदेश दिया है। "अफवाहों से बचें, हम आपके साथ हैं" — यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि उस अनिश्चितता का प्रतीक है जिसके बीच लाखों उम्मीदवार फंसे हुए हैं। 21 जून 2026 को होने वाली इस पुनः परीक्षा से पहले एजेंसी ने स्पष्ट किया कि वे सब कुछ कर रही हैं ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष रहे।

परिदृश्य थोड़ा अलग है इस बार। सामान्यतः परीक्षा परिणाम या तिथि घोषित होती है और छात्र तैयारी में जुट जाते हैं, लेकिन इस बार मूल परीक्षा के बाद उठे विवादों ने माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया था। यही कारण है कि NTA ने अब तक की सबसे खुली और भावनात्मक संचार रणनीति अपनाई है।

मनोवैज्ञानिक दबाव और सरकारी मदद

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि NTA ने पहली बार इतनी स्पष्टता से मानसिक स्वास्थ्य पर जोर दिया है। एजेंसी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व Twitter) हैंडल पर पोस्ट किया कि यदि कोई छात्र अत्यधिक चिंता या तनाव महसूस कर रहा है, तो उसे भारत सरकार की मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 14416 पर कॉल करनी चाहिए।

“रोना कमजोरी नहीं है,” NTA के संदेश में लिखा गया है। “आवश्यकता पड़ने पर मदद मांगना साहसिक कदम है।” यह दृष्टिकोण दिखाता है कि कैसे एक तकनीकी परीक्षा बोर्ड अब छात्रों के मानसिक कल्याण को भी अपनी जिम्मेदारी मान रहा है। अभिभावकों और शिक्षकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया पर शेयर न करें, क्योंकि गलत सूचनाएं छात्रों के लिए सबसे बड़ा शत्रु बन सकती हैं।

परीक्षा पैटर्न में क्या बदलाव आए?

केवल भावनात्मक समर्थन ही नहीं, NTA ने परीक्षा की संरचना में भी व्यावहारिक बदलाव किए हैं। NEET UG 2026 Re-Examभारत में परीक्षा की कुल अवधि बढ़ा दी गई है।

  • पुरानी अवधि: 3 घंटे (180 मिनट)
  • नई अवधि: 3 घंटे 15 मिनट (195 मिनट)
  • समय: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे IST तक

ये अतिरिक्त 15 मिनट प्रश्नपत्र हल करने के लिए नहीं, बल्कि हाजिरी शीट पर हस्ताक्षर, बायोमेट्रिक सत्यापन और अन्य सुरक्षा औपचारिकताओं के लिए हैं। इसका मतलब है कि छात्रों को प्रश्नों को हल करने के लिए वही 3 घंटे मिलेंगे, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया के तनाव को कम करने के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध होगा।

इसके अलावा, प्रश्नपत्र बुलेटिन में रफ वर्क के लिए पेजों की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले केवल 2 पेज थे, जबकि अब 4 पेज दिए जाएंगे — 2 पेज निर्देश पृष्ठों के तुरंत बाद और 2 पेज बुलेटिन के अंत में। यह बदलाव विशेष रूप से बाएं हाथ से लिखने वाले छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि उन्हें लिखने में कोई असुविधा न हो।

पेपर लीक विवाद और CBI जांच

इस री-एग्जाम की पृष्ठभूमि में 3 मई 2026 को आयोजित मूल परीक्षा के दौरान उठाए गए गंभीर आरोप हैं। कई राज्यों से यह शिकायत आई थी कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। इस घटनाक्रम ने देश भर में हड़कंप मचा दिया था।

सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी। CBI की जांच रिपोर्ट और अदालत के आदेशों के आधार पर ही NTA ने परीक्षा को रद्द करने और फिर से आयोजित करने का फैसला लिया। यह भारत की प्रवेश परीक्षाओं के इतिहास में एक अभूतपूर्व मामला है जहां इतनी बड़ी स्तर की परीक्षा को पूरी तरह से रद्द करके दोबारा आयोजित किया जा रहा है।

छात्रों के लिए राहत की खबरें

छात्रों के लिए राहत की खबरें

री-एग्जाम की तैयारी में जुटे छात्रों के लिए NTA ने कुछ महत्वपूर्ण राहतें भी घोषित की हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उन छात्रों को जो पहले से ही पंजीकृत थे, उन्हें दोबारा आवेदन फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है।

NTA ने स्पष्ट किया है कि: - मई 2026 के दौरान जमा किया गया आवेदन फॉर्म स्वतः मान्य रहेगा। - परीक्षा केंद्र विकल्प और अन्य विवरण वैध रहेंगे। - री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। - एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किए जाएंगे।

छात्रों को सलाह दी गई है कि वे सभी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल neet.nta.nic.in वेबसाइट पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से दूर रहना अब केवल सलाह नहीं, बल्कि परीक्षा में सफलता की कुंजी बन गया है।

भविष्य में क्या देखना है?

21 जून को होने वाली परीक्षा के बाद, परिणाम घोषित होने की प्रक्रिया और मेडिकल सीट आवंटन के लिए काउंसिलिंग की तारीखों पर सबकी नजर होगी। NTA ने सुरक्षा व्यवस्था को कसने के लिए एक शिकायत पोर्टल भी शुरू किया है, जहां नागरिक संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट कर सकते हैं। यह कदम भविष्य में ऐसे घटनाक्रमों को रोकने के लिए एक नई नीतिगत दिशा भी हो सकता है।

Frequently Asked Questions

क्या NEET 2026 री-एग्जाम के लिए दोबारा फीस देनी होगी?

नहीं, NTA ने स्पष्ट किया है कि री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। पहले जमा की गई फीस ही मान्य रहेगी और छात्रों को दोबारा पैसे जमा करने की आवश्यकता नहीं है।

री-एग्जाम की परीक्षा अवधि में क्या बदलाव हुआ है?

परीक्षा की कुल अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट (3 घंटे 15 मिनट) कर दी गई है। हालांकि, प्रश्न हल करने का समय वही 3 घंटे रहेगा; अतिरिक्त 15 मिनट बायोमेट्रिक सत्यापन और प्रवेश औपचारिकताओं के लिए हैं।

क्या मुझे री-एग्जाम के लिए दोबारा आवेदन करना होगा?

नहीं, यदि आपने मूल परीक्षा के लिए पहले ही आवेदन किया था, तो आपको दोबारा रजिस्ट्रेशन करने की आवश्यकता नहीं है। आपका मौजूदा आवेदन फॉर्म और चुना गया परीक्षा केंद्र स्वतः मान्य रहेगा।

प्रश्नपत्र बुलेटिन में रफ वर्क के लिए कितने पेज मिलेंगे?

पिछले वर्षों में केवल 2 पेज दिए जाते थे, लेकिन इस बार री-एग्जाम के लिए रफ वर्क के लिए कुल 4 पेज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें बाएं हाथ से लिखने वाले छात्रों की सुविधा को भी ध्यान में रखा गया है।

तनाव या चिंता के लिए छात्र किस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं?

NTA ने छात्रों को भारत सरकार की मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर 14416 पर कॉल करने की सलाह दी है। यह सेवा छात्रों को पेशेवर परामर्श और मानसिक सहारा देने के लिए उपलब्ध है।