जय संपत ने कबूल किया इस्लाम, मंदिरों में अपमान का जिक्र

जय संपत ने कबूल किया इस्लाम, मंदिरों में अपमान का जिक्र
अमरेंद्र भटनागर 27 मई 2026 0 टिप्पणि

जब जय संपत, जिन्हें सिर्फ 'जय' के नाम से जाना जाता है, ने हाल ही में यह खुलासा किया कि उन्होंने साल 2011 से इस्लाम धर्म अपना लिया है, तो तमिल फिल्म उद्योग में एक नई चर्चा शुरू हो गई। वह गलता प्लस को दिए एक इंटरव्यू में अपने आध्यात्मिक सफर पर खुलकर बोले, जिसने सोशल मीडिया और समाचार पोर्टल्स पर तेजी से वायरल होने लगे।

यह कोई अचानक फैसला नहीं था। जय ने स्पष्ट किया कि यह उनका करियर से जुड़ा कोई राजनीतिक या व्यावसायिक निर्णय नहीं, बल्कि एक गहरा व्यक्तिगत और आध्यात्मिक अनुभव रहा है। उनकी बातचीत में सबसे ज्यादा सुर्खियों में वह कथन रहा: "मस्जिद के अंदर कोई बड़ा स्टार नहीं होता।" इस एक वाक्य ने उनके धार्मिक संक्रमण की प्रकृति को समझने की कुंजी दी।

अनुभवों का मोड़: मंदिरों से मस्जिद तक

जय ने बताया कि वे पहले कई धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते थे। उन्होंने स्वीकार किया कि वे सबरीमाला यात्रा के लिए 'माला' पहन चुके हैं और एक साल तक ईसाई परंपरा के अनुसार 'जिसेस की रोजरी' पहनकर उपवास भी किया था। उनका कहना था, "मैं हर भगवान को मानता था।" लेकिन फिर कुछ घटनाओं ने उनका रास्ता बदल दिया।

उनके शब्दों में, मंदिरों में हुए कुछ अनुभवों ने उन्हें "अंदर से परेशान" कर दिया। उन्होंने इसे "अपमान" कहा, हालांकि उन्होंने विशिष्ट घटनाओं का उल्लेख नहीं किया। इसके विपरीत, जब वे पहली बार मस्जिद गए, तो उन्हें वहां एक अलग ही माहौल मिला। जय ने बताया कि मस्जिद में उन्हें समानता और सम्मान का एहसास हुआ, जहां किसी की सामाजिक स्थिति या स्टारडम का कोई महत्व नहीं रह जाता।

"मस्जिद के अंदर सब बराबर हैं। वहां मुझे वह शांति मिली जो मैं ढूंढ रहा था।" - जय संपत

विजय के साथ सह-कलाकार और करियर

जय की पहचान मुख्य रूप से तमिल सुपरस्टार थलपति विजय के साथ उनकी सह-कलाकारी से जुड़ी है। उन्होंने बगावती (भगवती) फिल्म में काम किया था, जिसने उन्हें उद्योग में एक मजबूत स्थान दिलाया। अब, जब वे अपने धार्मिक विश्वासों पर बात कर रहे हैं, तो यह देखना दिलचस्प है कि कैसे उनका निजी जीवन सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।

हालांकि, जय ने स्पष्ट किया कि उनका धर्म परिवर्तन उनके अभिनय करियर पर कोई प्रभाव नहीं डाला है। वे अभी भी सक्रिय रूप से फिल्में बना रहे हैं। हाल ही में, वे निर्देशक बाबू विजय की फिल्म 'सतेंद्रु मारुधु वानीलाई' में नजर आए, जिसमें योगी बाबू, मीनाक्षी गोविंदराजन और गरुड़ राम जैसे कलाकार भी शामिल थे।

नाम परिवर्तन की चर्चा

नाम परिवर्तन की चर्चा

एक महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि जय ने अभी तक अपना नाम आधिकारिक रूप से नहीं बदला है। उन्होंने 2019 में 'विकटन' मैगजीन को दिए इंटरव्यू में भी इस बारे में बात की थी कि वे अपना नाम "अजीज जय" रखने पर विचार कर रहे हैं। वर्तमान में, वे पेशेवर रूप से अभी भी 'जय' के नाम से जाने जाते हैं। यह दर्शाता है कि उनका धार्मिक परिवर्तन निजी आस्था का मामला है, न कि पуб्लिसिटी का जरिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जय संपत ने क्यों इस्लाम धर्म अपनाया?

जय संपत ने बताया कि मंदिरों में हुए कुछ नकारात्मक अनुभवों और अपमान की भावना ने उन्हें आंतरिक रूप से प्रभावित किया। वहीं, मस्जिद में उन्हें समानता, सम्मान और आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ, जिसके कारण उन्होंने 2011 में इस्लाम अपनाया।

क्या जय संपत ने अपना नाम बदल लिया है?

नहीं, जय संपत ने अभी तक अपना नाम आधिकारिक रूप से नहीं बदला है। हालांकि, उन्होंने 2019 और हाल के इंटरव्यू में "अजीज जय" नाम अपनाने पर विचार कर रहे होने की बात कही है, लेकिन पेशेवर रूप से वे अभी भी 'जय' के नाम से जाने जाते हैं।

क्या यह फैसला उनके करियर से जुड़ा है?

जय संपत ने स्पष्ट किया है कि उनका धर्म परिवर्तन उनके अभिनय करियर की किसी समस्या या संघर्ष से जुड़ा नहीं है। यह पूरी तरह से एक व्यक्तिगत और आध्यात्मिक निर्णय है, और वे अपनी फिल्मी गतिविधियों में सक्रिय रूप से जारी हैं।

जय संपत ने किस फिल्म में थलपति विजय के साथ काम किया?

जय संपत ने तमिल सुपरस्टार थलपति विजय के साथ फिल्म 'बगावती' (जिसे भगवती भी कहा जाता है) में सह-कलाकार के रूप में काम किया था, जिसने उन्हें उद्योग में काफी पहचान दिलाई।